बेतिया में जमाबंदी फर्जीवाड़े का आरोप, दोषियों पर FIR के निर्देश

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में जमीन की जमाबंदी में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। करीब 50 वर्षों से चली आ रही जमाबंदी को बिना सक्षम न्यायालय के आदेश के शून्य कर दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज किए जाने की शिकायत पर तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने सख्त संज्ञान लिया है। आयुक्त ने जिलाधिकारी को दोषी कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और जमाबंदी में बदलाव का आदेश देने वाले पदाधिकारी का नाम स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
पूरा मामला बेतिया अंचल के पूर्वी कर्गहिया मौजा स्थित जमाबंदी संख्या 105 से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, 5 एकड़ 62.5 डिसमिल जमीन की जमाबंदी 50 वर्षों से अधिक समय से परिवादी के पिता के नाम पर चली आ रही थी और नियमित रूप से लगान भी जमा किया जा रहा था।
आरोप है कि इस जमाबंदी को शून्य कर जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम पर ऑनलाइन दर्ज कर दी गई। मामले में यह भी सवाल उठाया गया है कि नई जमाबंदी में केवल 53 डिसमिल जमीन दर्ज है, जबकि शेष जमीन का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है।
तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता और अंचल अधिकारी से पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही, जमाबंदी में बदलाव के आदेश और उसके आधार की जानकारी भी मांगी गई है।
आयुक्त ने निर्देश दिया है कि गलत तरीके से बदली गई जमाबंदी को नियमानुसार सही कराया जाए और दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी सहित दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने प्रमंडल के सभी राजस्व अधिकारियों को चेतावनी दी है कि राजस्व मामलों में लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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