रांची/पलामू। झारखंड के पलामू निवासी कमलेश कुमार सिंह ने राज्य की विभिन्न प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपना नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया है।
शिकायत के अनुसार, कमलेश कुमार सिंह ने दावा किया है कि वे पिछले 13 वर्षों से एशिया के सबसे बड़े कुंदरी लाह बागान के पुनर्जीवन के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई विभागों और राज्य सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उनका मानना है कि इस परियोजना के पुनर्जीवन से रोजगार, लाह उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
दूसरे मुद्दे में उन्होंने आरोप लगाया है कि विवेकानंद विद्या मंदिर, सेक्टर-2, धुर्वा (रांची) में सीबीएसई नियमों और जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग के बाद उनकी पुत्री के नामांकन में अनावश्यक विलंब और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिससे वह शिक्षा के अधिकार से वंचित हो गई। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
तीसरे मुद्दे में उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उपेक्षा और मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर उन्होंने अपना नाम मतदाता सूची से हटाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अब तक प्रत्येक चुनाव में मतदान किया, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में वे अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करना चाहते।
हालांकि, संबंधित विभागों या अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
