प्रखंड विकास पदाधिकारी ने की 15वें वित्त आयोग और पेसा कानून की समीक्षा, विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
घाघरा (गुमला): घाघरा प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) दिनेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंचायत सचिव, मुखिया और कनीय अभियंता (Junior Engineer) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य 15वें वित्त आयोग के तहत संचालित योजनाओं और पेसा (PESA) कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना था।
रिक्त पदों को चिन्हित करने का निर्देश
बैठक के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक एवं प्रधान सहायक के पद रिक्त हैं, उन्हें अविलंब चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि रिक्तियों की पहचान होने के बाद भविष्य में चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आए।
*योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
15वें वित्त आयोग के कार्यों की चर्चा करते हुए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए:कार्यों को शुरू करने से पूर्व सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर आकलन (Estimate) कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है।MB (Measurement Book) भरने के उपरांत ही आगे का कार्य करने का निर्देश दिया गया।समय-समय पर उच्चाधिकारियों द्वारा योजना स्थल की औचक जांच की जाएगी ताकि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
पेयजल समस्या के समाधान हेतु पहल
गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने सभी मुखिया और पंचायत सचिवों को निर्देशित किया कि:
पंचायतों में खराब पड़े जलमीनार और चापाकलों को तुरंत चिन्हित करें।
चिन्हित किए गए खराब जल स्रोतों की जल्द से जल्द मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या न हो।इस बैठक के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनसुविधाओं को
प्राथमिकता दी जाएगी।
