रेगाल रिसोर्सेज का ₹389 करोड़ निवेश, किशनगंज में शुरू हुई
किशनगंज, 26 मई। रेगाल रिसोर्सेज लिमिटेड ने बिहार के किशनगंज में ₹389 करोड़ के निवेश से अपनी एकीकृत मक्का प्रसंस्करण इकाई का विस्तार कर नई लिक्विड ग्लूकोज़ और माल्टोडेक्सट्रिन पाउडर सुविधा का शुभारंभ किया है। इसके साथ ही कंपनी की क्रशिंग क्षमता 825 टन प्रतिदिन से बढ़कर 1,650 TPD हो गई है। यह अब पूर्वी भारत की सबसे बड़ी मक्का वेट मिलिंग इकाई बन गई है।
180 MT LG और 50 MT MPD की नई यूनिट
विस्तार के तहत 180 MT प्रतिदिन क्षमता वाली नई लिक्विड ग्लूकोज़ निर्माण इकाई और 50 MT प्रतिदिन क्षमता वाली माल्टोडेक्सट्रिन पाउडर निर्माण इकाई शुरू की गई है। कंपनी का लक्ष्य खाद्य-पेय, फार्मा, टेक्सटाइल, हेल्थकेयर और पशु पोषण क्षेत्रों की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
*950 कर्मचारियों तक पहुंचेगा कार्यबल
इस विस्तार से लगभग 475 अतिरिक्त प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिससे कंपनी का कुल कार्यबल करीब 950 कर्मचारियों तक पहुंच जाएगा। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, खरीद और संबद्ध क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी बनेंगे। कंपनी का कहना है कि स्थानीय खरीद नेटवर्क मजबूत होने से हजारों किसानों को संगठित खरीद चैनलों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल किशोरपुरिया ने कहा, “1,650 MT प्रतिदिन क्षमता और नई LG-MPD सुविधाओं का शुभारंभ रेगाल के लिए मील का पत्थर है। यह हमें मक्का-आधारित स्पेशलिटी उत्पाद कंपनी बनने की दिशा में आगे ले जाएगा।” उन्होंने बताया कि कंपनी FY27 में डेक्सट्रोज़ एनहाइड्रस, डेक्सट्रोज़ मोनोहाइड्रेट, हाइड्रोल और मॉडिफाइड स्टार्च उत्पादों के क्षेत्र में भी विस्तार करेगी।
उन्होंने बिहार सरकार और बिहार इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी के तहत मिले प्रोत्साहनों के लिए आभार जताया।
