झारखंड सचिवालय सेवा संघ की ऐतिहासिक आम सभा सम्पन्न, कार्मिक विभाग के सचिव के रवैये पर तीखा हमला

800 से अधिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित, सेवा हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन और हड़ताल की तैयारी का संकेत

रांची, 12 जुलाई। झारखंड सचिवालय सेवा संघ की ऐतिहासिक आम सभा रविवार को रांची में संपन्न हुई, जिसमें 800 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। सभा में वक्ताओं ने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के वर्तमान सचिव के कार्यकलापों और सचिवालय सेवा के प्रति अपनाए जा रहे रवैये की कड़ी आलोचना की। उनका आरोप था कि विभाग के हालिया निर्णय सचिवालय सेवा के हितों, पदोन्नति व्यवस्था और अधिकारियों के मनोबल के प्रतिकूल हैं।

आम सभा में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें संघ के खातों के ऑडिट के लिए ऑडिटर घोषित करने का अधिकार कार्यकारिणी को देना, ₹200 मासिक अथवा ₹2,400 वार्षिक सदस्यता शुल्क की स्वीकृति, कल्याण कोष नियमावली का गठन तथा स्वास्थ्य कारणों से कोषाध्यक्ष अवध किशोर भगत के इस्तीफे को स्वीकार करते हुए संयुक्त सचिव हेम नारायण सिंह को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त करना शामिल है।

सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार का वर्तमान रुख जारी रहता है तो सचिवालय सेवा के हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर हड़ताल की रूपरेखा तैयार करने का अधिकार भी सामान्य परिषद को दिया गया है, जिसके लिए कम-से-कम तीन-चौथाई कोरम की शर्त निर्धारित की गई है।

संघ ने स्पष्ट किया कि सचिवालय सेवा के अधिकारियों के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों, सेवा की गरिमा और कैडर के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही कार्यकारिणी समिति को मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री एवं मुख्य सचिव से मिलकर स्थिति से अवगत कराने और सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। संघ ने चेतावनी दी कि सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

 

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