PPP मॉडल पर विकसित होंगी इकोटूरिज्म परियोजनाएं, 29 जलाशयों और 247 तालाब-झीलों में निवेशकों को मिलेगा मौका
पटना, 12 जुलाई। बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से 13जुलाई को पटना के होटल मौर्या में ‘इकोटूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट-2026’ का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य राज्य में इकोटूरिज्म के सतत विकास को गति देना और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से निजी निवेश को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन में निवेशकों के समक्ष राज्य के 29 जलाशयों तथा 247 तालाबों, पोखरों, झीलों एवं आर्द्रभूमियों पर विकसित की जाने वाली इकोटूरिज्म परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। चयनित निवेशकों को परियोजनाओं के विकास के लिए 30 वर्षों की लीज पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही विभागीय स्वीकृतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने और वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के माध्यम से वित्तीय सहायता देने का भी प्रावधान किया गया है।
विभाग ने परियोजनाओं को ग्रुप-ए और ग्रुप-बी में विभाजित किया है। ग्रुप-ए में जलाशय आधारित तथा ग्रुप-बी में तालाब, पोखर, झील एवं अन्य जल निकायों से जुड़ी इकोटूरिज्म परियोजनाएं शामिल हैं। निवेशकों के लिए न्यूनतम वार्षिक टर्नओवर की पात्रता भी निर्धारित की गई है।
इसके अलावा विभाग ने भीमबांध वाइल्डलाइफ सेंचुरी में इकोटूरिज्म परियोजना के लिए आरएफपी (RFP) जारी किया है, जिसकी अंतिम तिथि 28 जुलाई 2026 तय की गई है। अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए ईओआई (EOI) भी आमंत्रित किए गए हैं।
