29 जलाशयों और 247 आर्द्रभूमियों में निवेश के अवसर प्रस्तुत, 50 से अधिक निवेशकों ने दिखाई रुचि; 30 वर्ष की लीज और VGF सहायता का मिलेगा लाभ।
पटना, 13 जुलाई। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार द्वारा होटल मौर्या, पटना में ‘इकोटूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट-2026’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) मॉडल के माध्यम से राज्य में इकोटूरिज्म परियोजनाओं में निजी निवेश को बढ़ावा देना और बिहार की प्राकृतिक पर्यटन संभावनाओं को निवेशकों के सामने प्रस्तुत करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन विभाग के मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह, विभिन्न राज्यों से आए 50 से अधिक निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
सम्मेलन में राज्य के 29 जलाशयों एवं 247 तालाब, पोखर, झील और आर्द्रभूमियों पर इकोटूरिज्म परियोजनाओं के विकास के लिए निवेश अवसरों की जानकारी दी गई। निवेशकों को 30 वर्षों की लीज, विभागीय अनुमतियों में सहयोग तथा वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) जैसी सुविधाओं की जानकारी भी दी गई।
मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि बिहार में इकोटूरिज्म निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, स्थानीय लोगों को रोजगार और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। वहीं अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि राजगीर नेचर सफारी, ग्लास ब्रिज, घोड़ाकटोरा, भीमबांध, मंदार हिल और करमचट डैम जैसे स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सम्मेलन में भीमबांध इकोटूरिज्म परियोजना सहित अन्य एडवेंचर टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स परियोजनाओं के लिए निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। विभाग ने विश्वास जताया कि निजी निवेश के माध्यम से बिहार इकोटूरिज्म के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाएगा।

