दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, श्रम संहिता नियमावली पुस्तक का हुआ विमोचन; मास्टर ट्रेनरों को जिलों में जागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी
पटना, 16 जुलाई। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर ही श्रम संहिताओं के सफल अनुपालन की आधारशिला हैं और वे जिलों में अधिकारियों, नियोजकों, श्रमिक संगठनों तथा श्रमिकों तक नई व्यवस्था की सही जानकारी पहुंचाने का कार्य करेंगे।
दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में वी.वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान और संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “श्रम संहिताओं एवं उनकी नियमावलियों पर प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम” के समापन समारोह में मंत्री ने श्रम संहिता नियमावली पुस्तक का विमोचन किया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रम कानूनों का सरलीकरण करते हुए श्रमिकों और उद्योगों के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं संतुलन स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार समय-सीमा के भीतर नई श्रम संहिताओं से संबंधित सभी राज्य नियमावलियों की अधिसूचना जारी कर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुई है।
मंत्री ने कहा कि नई श्रम संहिताओं से संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, समय पर उचित पारिश्रमिक, सुरक्षित कार्यस्थल और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों का लाभ मिलेगा। वहीं, उद्योगों के लिए प्रक्रियाएं अधिक सरल और डिजिटल अनुपालन व्यवस्था से पारदर्शिता एवं सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
