पटना नगर निगम ने संपत्ति कर संवर्धन अभियान को और तेज कर दिया है। अब बड़े मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स, बैंक्वेट हॉल, अस्पताल और अन्य बड़ी संपत्तियों की जांच टाउन प्लानर और आर्किटेक्ट की विशेषज्ञ टीम करेगी।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर पांच टाउन प्लानर और दो आर्किटेक्ट को अभियान में लगाया गया है। टीम स्थल निरीक्षण कर वास्तविक क्षेत्रफल, स्वीकृत नक्शे और निर्धारित संपत्ति कर का मिलान करेगी।
जांच के दौरान गलत जानकारी, वास्तविक क्षेत्रफल छिपाने या कर निर्धारण में विसंगति मिलने पर फोटो और वीडियो साक्ष्य के आधार पर दोबारा कर निर्धारण के साथ पेनाल्टी लगाई जाएगी।
शुक्रवार को अभियान के दौरान 125 नई संपत्तियों को कर के दायरे में जोड़ा गया, जबकि 21 संपत्तियों में विसंगति मिलने पर पेनाल्टी लगाई गई। इनमें सबसे ज्यादा 13 मामले अजीमाबाद अंचल में मिले।
वहीं, एक दिन में 699 संपत्तियों से 45.22 लाख रुपये से अधिक संपत्ति कर की वसूली की गई। कंकड़बाग अंचल में सबसे अधिक 11.71 लाख रुपये का संग्रह हुआ।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि स्थल निरीक्षण के दौरान किसी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा अनैतिक मांग अथवा अनुचित व्यवहार किए जाने पर टोल-फ्री नंबर 155305 पर शिकायत करें।
5 टाउन प्लानर और 2 आर्किटेक्ट अभियान में शामिल
बड़े मॉल, अस्पताल, मार्केट और अन्य बड़ी संपत्तियों की जांच
वास्तविक क्षेत्रफल और नक्शे का संपत्ति कर से मिलान
125 नई संपत्तियां कर के दायरे में
21 संपत्तियों में विसंगति, पेनाल्टी के साथ पुनर्मूल्यांकन
699 संपत्तियों से ₹45.22 लाख से अधिक कर संग्रह
कंकड़बाग में सर्वाधिक ₹11.71 लाख संग्रह
शिकायत के लिए निगम का टोल-फ्री नंबर 155305
