पटना, 26 मई। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ संकल्प को धरातल पर उतार रही है। सभी 8067 पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का संचालन ऐतिहासिक कदम है।
श्री पांडेय ने कहा कि अब आम नागरिक को शिकायत लेकर प्रखंड या जिला का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। सहयोग शिविरों में ऑनलाइन पोर्टल या ऑफलाइन फॉर्म से शिकायत दर्ज होगी और 30 दिनों के भीतर निष्पादन अनिवार्य किया गया है। यह एनडीए सरकार की ऐतिहासिक पहल है।
उन्होंने कहा कि राशन कार्ड, पेंशन, दाखिल-खारिज, नल-जल, बिजली बिल जैसी रोजमर्रा की समस्याएं अब पंचायत स्तर पर ही खत्म होंगी। यह ‘सुशासन’ का प्रमाण है कि सरकार खुद चलकर जनता के द्वार जा रही है।
व्यापारियों की सुरक्षा के लिए हर थाने में ‘व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ’ गठित किया गया है। डायल-112 को पंचायत स्तर तक मजबूत किया गया है, जिससे 15 मिनट में पुलिस सहायता पहुंचेगी। हाट-बाजार और औद्योगिक क्षेत्रों में सीसीटीवी व नियमित पेट्रोलिंग अनिवार्य की गई है। रंगदारी मांगने वालों पर एनएसए और गैंगस्टर एक्ट में तत्काल कार्रवाई हो रही है।
श्री पांडेय ने कहा कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय-1’ में सड़क, बिजली, पानी दिया गया। ‘सात निश्चय-2’ में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण पर काम हुआ। अब सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में ‘सात निश्चय-3’ सीधे नागरिक के ‘जीवन को आसान’ बनाने का संकल्प है। शिविरों में मिली शिकायतों का विश्लेषण कर नीतियां भी सुधारी जाएंगी। यह ‘रिएक्टिव’ नहीं, ‘प्रोएक्टिव’ गवर्नेंस है।
उन्होंने बिहारवासियों से अपील की कि अपने पंचायत के सहयोग शिविर में जाकर सरकार की योजनाओं का लाभ लें। भाजपा-एनडीए सरकार ‘कहती नहीं, करके दिखाती है’।
