खेल अवसंरचना के संचालन पर जोर, विशेषज्ञों की निगरानी में बनेंगे स्टेडियम

बिहार सरकार अब राज्य में बने खेल भवन, स्टेडियम और व्यायामशाला को PPP मॉडल और CSR सहयोग से संचालित करेगी। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने मंगलवार को विकास भवन में विभागीय समीक्षा बैठक में यह घोषणा की। बैठक में खेल सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, निदेशक आरिफ अहसन और BSSA के DG रवीन्द्रन शंकरण मौजूद रहे।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में खेल अवसंरचना को सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अब नए पंचायत स्तरीय मैदान बनाने के बजाय मौजूदा परिसरों को सक्रिय और खिलाड़ियों के लिए उपयोगी बनाना प्राथमिकता है। इसके लिए जिला स्तर पर विधायक, खेल विशेषज्ञ और जिला खेल पदाधिकारी की समिति बनेगी। इन्हें शुरुआती फंड देकर आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।

खेल संघों की भूमिका बढ़ाते हुए मंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र खेल संघों के सहयोग से चलेंगे। खिलाड़ियों को उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग जल्द ही सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों को संवाद के लिए बुलाएगा।

बैठक में ऐतिहासिक खिलाड़ियों और पदक विजेताओं के नाम पर स्टेडियम व खेल भवनों के नामकरण का निर्णय भी लिया गया। विभाग ऐसे खिलाड़ियों की सूची तैयार कर रहा है।

खेल सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने कहा कि ब्लॉक और जिला स्तर की सभी खेल संरचनाएं अब स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर सलाहकारों की निगरानी में बनेंगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी खेल विशेषज्ञों की सलाह अनिवार्य होगी।

BSSA के DG रवीन्द्रन शंकरण ने बताया कि राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार हैं। आगामी खेल कैलेंडर भी मंत्री को सौंपा गया।

मंत्री ने बंद पड़े एकलव्य केंद्रों की रिपोर्ट और बिहार खेल विश्वविद्यालय के दौरे का भी निर्देश दिया। 38 जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति BPSC के माध्यम से जल्द होग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *