गुमला नगर परिषद में तालाबंदी पर विवाद, अधिवक्ता खुर्शीद आलम ने उठाए कानूनी सवाल

  • अंजुमन इस्लामिया ट्रस्ट के प्रवक्ता बोले— हड़ताल के नाम पर कार्यालय में ताला लगाना सरकारी कार्य में बाधा, कार्रवाई की मांग।

गुमला। नगर परिषद गुमला कार्यालय में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष द्वारा कथित रूप से हड़ताल के नाम पर की गई तालाबंदी का अधिवक्ता एवं अंजुमन इस्लामिया ट्रस्ट के प्रवक्ता खुर्शीद आलम ने विरोध किया है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकारी कार्यालय में तालाबंदी से आम जनता के आवश्यक कार्य प्रभावित हुए हैं।

खुर्शीद आलम, जो पूर्व में नगर परिषद उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी रह चुके हैं तथा अंजुमन इस्लामिया के सचिव का दायित्व भी निभा चुके हैं, ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नगर परिषद कार्यालय आम नागरिकों की सेवा के लिए संचालित होता है। यहां प्रतिदिन टैक्स जमा करना, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना, आवास योजना से संबंधित फाइलों का निष्पादन, शहर की साफ-सफाई तथा बिजली-पानी जैसी मूलभूत सेवाओं से जुड़े निर्देश जारी किए जाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यपालक पदाधिकारी की मौजूदगी में कार्यालय में तालाबंदी करना सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के समान है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि घटना के बावजूद अब तक कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, जो अपने आप में गंभीर विषय है।

खुर्शीद आलम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

नोट: यह समाचार अधिवक्ता खुर्शीद आलम द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और उनके आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

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