बैंक ऋण, विपणन, वित्तीय साक्षरता और GI टैग सहित कई मुद्दों पर उद्योग मंत्री व अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक
पटना, 9 जुलाई। बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को विधानसभा सचिवालय में उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति और उद्यमियों की समस्याओं को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, विभागीय अधिकारी तथा विभिन्न औद्योगिक एवं बुनकर संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, बिहार लघु उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने बैंक ऋण स्वीकृति में देरी, बाजार एवं विपणन की कठिनाइयों, तकनीकी और प्रबंधन कौशल की कमी तथा वित्तीय साक्षरता जैसे मुद्दे उठाए।
उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रत्येक जिले में लोन शिविर लगाए जाएंगे। वहीं, विपणन को मजबूत करने के लिए बिहार राज्य मार्केटिंग अथॉरिटी का गठन किया जा रहा है तथा MSME क्षेत्र में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिए RAMP योजना के तहत केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गया जिले के पथरकट्टी कारीगरों की समस्याओं के समाधान, शादीपुर स्थित बियाडा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, धनामा गांव के औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, बोधगया औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार, मानपुर औद्योगिक क्षेत्र के विकास तथा गया के प्रसिद्ध तिलकुट को GI टैग दिलाने का अनुरोध किया।
इसके साथ ही उन्होंने गया-डोभी औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना की समीक्षा करते हुए स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने आश्वासन दिया कि बैठक में उठाए गए सभी महत्वपूर्ण सुझावों और प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगा।
