राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
पटना, 16 जुलाई। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि गांवों के समग्र विकास का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब पदाधिकारी मजबूत इच्छाशक्ति के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए पंचायतों को सशक्त, उत्तरदायी और आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है।
होटल चाणक्य में आयोजित राज्यस्तरीय प्रशिक्षण-सह-समीक्षा बैठक में मंत्री ने 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं और विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में राज्य के सभी उप विकास आयुक्त (डीडीसी), जिला पंचायत राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मंत्री ने बताया कि विभाग ने पिछले छह महीनों में 28 हजार करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) जमा कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने पंचायत सरकार भवनों का निर्माण शीघ्र पूरा करने, गुणवत्ताहीन कार्य करने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने तथा मुख्यमंत्री सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का पंचायत स्तर पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विभाग के सचिव मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि 15 लाख रुपये से अधिक की योजनाओं में बिना निविदा कार्य कराने, तथा षष्टम मद की राशि का एक प्रतिशत से भी कम व्यय करने वाली ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिव एवं मुखिया के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, पंचायत विकास दिवस पोर्टल और यूसी मॉड्यूल के प्रभावी संचालन पर अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया।
