सहायक पुरातत्वविद के तबादले के बाद उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग
रतनपुर, 18 जुलाई।
रतनपुर की ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में सहायक पुरातत्वविद राहुल तिवारी के पद से हटाए जाने के बाद पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि केवल तबादला पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जानकारी के अनुसार, प्राचीन गज किला रतनपुर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) रायपुर मंडल के अंतर्गत हुए संरक्षण एवं रखरखाव कार्यों में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए थे। इस संबंध में मोरध्वज वेलफेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवमोहन बघेल ने दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक, नई दिल्ली को कई बार शिकायत पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग की थी।
आरोप है कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के नाम पर किए गए कार्यों में पारदर्शिता का अभाव रहा। इस मुद्दे को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने सहायक पुरातत्वविद राहुल तिवारी का तबादला कर दिया।
अब स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि रतनपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन राजधानी रही है और यहां स्थित किले, मंदिर तथा अन्य ऐतिहासिक धरोहरें प्रदेश की अमूल्य विरासत हैं। ऐसे में इन धरोहरों के संरक्षण से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल नए अधिकारी के पदभार ग्रहण करने के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
