शंकराचार्य प्राकट्य दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया

राधा माधव धाम में पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा पाठ एवं राष्ट्र उत्कर्ष का संकल्प
रतनपुर, 18 जुलाई।
ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्री गोवर्धन मठ, पुरी पीठ के 145वें वर्तमान अनंत श्री विभूषित श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज का 84वां प्राकट्य दिवस शनिवार को रतनपुर में श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पीठ परिषद एवं आदित्य वाहिनी के संयुक्त तत्वावधान में श्री राधा माधव धाम में विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ जगद्गुरु शंकराचार्य की विधिवत पूजा-अर्चना एवं भव्य आरती से हुआ। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर राष्ट्र एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीठ परिषद के नगर प्रमुख बलराम पांडे ने जगद्गुरु शंकराचार्य के प्रमुख संकल्प “राम राज्य समन्वित हिंदू राष्ट्र” की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन नियमों पर आधारित, धर्म नियंत्रित, पक्षपात रहित, शोषण मुक्त एवं सर्वहितकारी शासन व्यवस्था की स्थापना ही गुरुदेव का लक्ष्य है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को इस संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने एवं समाजहित में कार्य करने का संकल्प भी दिलाया।
इधर, आनंद वाहिनी द्वारा गज किला परिसर में भी प्राकट्य दिवस मनाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक सुंदरकांड पाठ में भाग लिया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
इस अवसर पर पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी एवं आनंद वाहिनी के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से बलराम पांडे, महंत दिव्यकांत, शेष देव मिश्रा, राजेश शर्मा, अश्वनी दुबे, रविंद्र दुबे, राजेंद्र दुबे, राजेंद्र मिश्रा, राजेश सोनी, उमेश शर्मा तथा आनंद वाहिनी की प्रमुख श्रीमती लक्ष्मी पांडे सहित गुरुदेव के अनेक शिष्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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