बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया बल, 7 संस्थाओं के साथ एमओयू; एआई आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को होगा लाभ

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हुआ समझौता, पहली से 12वीं तक के छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा सहयोग

पटना। बिहार की शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल पर राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत सात प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में यह समझौता संपन्न हुआ।
एमओयू के तहत वाधवानी एआई, खान एकेडमी इंडिया, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, एकस्टेप फाउंडेशन, पीआई जैम फाउंडेशन, मंत्रा फॉर चेंज और शिक्षालोकम फाउंडेशन राज्य के विद्यालयों में एआई आधारित शिक्षण, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, शिक्षकों के प्रशिक्षण, सीखने की गुणवत्ता और विद्यालयी समीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहयोग करेंगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इन संस्थाओं के वैश्विक अनुभव का लाभ बिहार के विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालयों को मिलेगा। खास बात यह है कि सभी संस्थाएं अपने संसाधनों से कार्य करेंगी और इसके लिए शिक्षा विभाग पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने बिहार स्कूल लाइव क्लासेज की शुरुआत की, छात्राओं से संवाद किया तथा विद्यालय की संगीत कक्ष, आईएसएम लैब, अटल टिंकरिंग लैब और आईसीटी लैब का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मेधावी छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा हॉकी खिलाड़ियों को किट भी प्रदान की गई।

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